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निर्माण श्रमिक से अभिप्राय: ऐसे व्यक्ति से है, जो किसी भवन या निर्माण कार्य में कुशल, अर्धकुशल के रूप में या मैनुअल, लिपिकीय कार्य, सुप्रवाईजर या तकनीकी, वेतन या पारिश्रमिक के लिए कार्य करता है | जैसा कि मिस्त्री, पेंटर, प्लम्बर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर, मजदूर व हेल्पर आदि कामगार के श्रेणी में आते है | प्रबंधकीय या प्रशासकीय पद पर कार्यरत व्यक्ति, सुपरवाईजर, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार की परिभाषा में नहीं आता |

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार, अधिनियम, 1996 की धारा 2 डी के अनुसार भवन या अन्य सन्निर्माण कार्य से तात्पर्य भवनों, मार्गों, सड़कों, रेलवे, ट्रामवे, हवाई अड्डा, सिंचाई, जल निकास, तट बंध, नौ परिवहन, बाढ़ नियंत्रण कार्य, वर्षा जल निकास कार्य, विद्युत् के उत्पादन, पारेषण एवं वितरण, जल सम्बन्धी कार्य (जिसमें जल के वितरण के लिए चैनल ), तेल तथा गैस स्थापना सम्बंधित कार्य, विद्युत लाईनों, बेतार रेडियो , तेलेविसिओं , टेलेफोन, तार तथा ओवर्सीज़ संचार माध्यमो , बाधों, नहरों , जलाशयों , सुरंगों, पुल-पुलियों, पाइप लाइनों, टावर, शीतलन टावर, पारेषण टावरों को निर्माण कार्यों में सम्मिलित किया गया है | इस के अतिरिक्त निर्माण, अल्ट्रेशन, मुरम्मत, रख - रखाव या निर्माण गिराया जाने से सम्बंधित कार्य में शामिल हैं| इसमें ऐसे अन्य कार्य भी शामिल किये जायेंगे, जो सम्बंधित सरकार दवारा अधिसूचित किये जा सकते हैं, परन्तु इसके अन्तर्गत ऐसे भवन या अन्य सन्निर्माण कार्य सम्मिलित नहीं होंगे, जिनमें कारखाना अधिनियम 1948 अथवा माईनज़ अधिनियम, 1952 के प्रावधान लागू होते हैं|

क्र्.स .

योजना  

देय राशि 

1

शादी हेतु वित्तीय सहायता   

अपने व दो बच्चों के विवाह हेतु मुवलिक 51,000/- प्रत्येक |

2

मातृत्व/पितृत्व प्रसुविधा

महिला लाभार्थी को प्रसूति के दौरान मुवलिक 25,000/-(पच्चीस हज़ार रुपये )राशि देय होगी |
पुरुष लाभार्थी रुपये 1000/- (एक हज़ार रुपये ) के लिए हकदार होगा|यह सुविधा दो बच्चों  तक ही देय होगी |

3

शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता

लाभार्थी के दो बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रति वर्ष निम्न दर से सहायता प्रदान की  जायेगी |

क्र. सं.

पाठ्यक्रम

राशि (रूपये) ( प्रति वर्ष )

बालिका

बालक

1

प्रथम कक्षा से आठवीं सत्तर तक

8,400

8,400

2

नौवीं से 10+2सत्तर तक

12,000

12,000

3

स्नातक कक्षाएं :

कला स्नातक

36,000

36,000

बी. एस. सी./बी.कॉम/बी.बी.ए या इसके बराबर

4

स्नातकोत्तर:

(1) कला एवं वाणिज्य संकाय

60,000

60,000

(2) विज्ञान संकाय

5

डिप्लोमा पाठ्यक्रम अवधि :

एक वर्ष /दो वर्ष /तीन वर्ष

48,000

48,000

6

पौलिटेक्निक डिप्लोमा (तीन वर्ष)

60,000

60,000

6

व्यावसायिक पाठ्यक्रम जैसे मेडिकल / इंजीनियरिंग इत्यादि पी. एच.डी./अनुसंधान पाठ्यक्रम

1,20,000

1,20,000

4

चिकित्सा  सहायता

लाभार्थी और उसके आश्रितों को चिकित्सा उपचार हेतु सरकारी अस्पताल/सरकार द्वारा अनुमोदित/चयनित अस्पतालों/औषधालयों से चिकित्सा बिल प्रस्तुत करने पर प्रतिवर्ष बाह्य (Outdoor) चिकित्सा उपचार के लिए मु0 50,000/-रू. (पच्चास हजार) और अंतरंग (Indoor)चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए मु0 1,00,000/-रू. (एक लाख) की सहायता राशि बोर्ड द्वारा प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त गंभीर बीमारी के लिए मु0 5,00,000/-(पांच लाख रूपए) की सहायता राशि बोर्ड द्वारा प्रदान की जाएगी। |

5

अंतिम संस्कार  सहायता 

नाम निर्देशित आश्रितों को 20,000/-(बीस हज़ार रुपये ) की  राशि देय होगी|

6

मृत्यु सहायता (लाभ) 

यदि सदस्य की मृत्यु कार्य के दौरान दुर्घटना से होती है तो नाम निर्देशितों/आश्रितों को मु0 4,00,000/- (चार लाख) रुपये की राशि दी जाएगी एवं प्राकृतिक मृत्यु पर मु0 2,00,000/- (दो लाख) रूपये की राशि दी जाएगी।|

7

पेंशन

बोर्ड का लाभार्थी 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर पैंशन का हकदार होगा जो न्यूनतम राशी 1000/- (एक हजार रूपये) केवल, प्रतिमाह देय रहेगी।|

8

विकलांगता पैंशन (रूल-275)  

पंजीकृत लाभार्थी की दुर्घटना एवं बिमारियों के कारण हुई विकलांगता की स्थिति में मु.500/- रूपये (पांच सौ) की राशि प्रतिमाह बतौर पैंशन देने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त 50 प्रतिशत से अधिक विकलांगता की स्थिति में मु.50,000/- रूपये (पचास हजार) और 50 प्रतिशत से कम विकलांगता में मु.25,000/-रूपये (पच्चीस हजार) की राशि प्रदान की जाती है।|

9

बेटी जन्म उपहार योजना (रूल-298)

पंजीकृत लाभार्थी के दो बेटी के जन्म हेतु मु.51,000/-. (ईकावन हजार) (प्रत्येक बेटी) की राशि एफ.डी.आर के रूप में बोर्ड द्वारा दी जाएगी तथा जिसे बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर ही निकाला जा सकता है।|

10

मानसिक रूप से मंद /अपंग बच्चों के लिए योजना (रूल-299)

पंजीकृत लाभार्थी के मानसिक रूप से मंद/अपंग बच्चों, की देखभाल के लिए बोर्ड द्वारा मु.20,000/- (बीस हजार) की राशि प्रत्येक वर्ष प्रदान की जाएगी।|

11

विधवा पैंशन योजना (रूल-300)

पंजीकृत लाभार्थी की विधवा को मु.1500/- (पन्द्रह सौ) की राशि प्रत्येक माह बोर्ड द्वारा प्रदान की जाएगी।|

12

होस्टल सुविधा योजना (रूल-301)

पंजीकृत लाभार्थी के बच्चों को होस्टल में रहने पर बोर्ड द्वारा प्रत्येक वर्ष मु.15,000/- (पन्द्रह हजार) से मु.20,000/- (बीस हजार) तक की राशि आवास, बोर्डिग तथा भोजन के लिए प्रदान की जाएगी।|

13

मुख्यमंत्री आवास योजना / पी.एम.ए.वाई (रूल-302)

पंजीकृत लाभार्थी को मुख्यमंत्री/पी.एम.आवास योजना के तहत मु.1,50,000/- (एक लाख पचास हजार) की राशि उनके पी.एम./ एम.ए. आवास योजना के तहत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्वीकृत मकान बनाने हेतु बोर्ड द्वारा प्रदान की जाएगी।|

(i) कामगार द्वारा अधिप्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने पर व्यवसायिक पाठ्यक्रम, पी.एच.डी. अनुसंधान पाठ्यक्रम से संबंधित उपगत व्यय जैसे प्रवेश फीस/ ट्यूशन फीस / हाॅस्टल फीस / बोर्डिंग प्रभार आदि का प्रतिदाय करने के लिए प्रतिवर्ष दो बच्चों तक अधिकतम एक लाख रूपये की रकम । (ii) कामगार के दो बच्चों तक अधिप्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने के अध्यधीन दसवीं और बारहवीं के उन प्रतिभाशाली छात्रों को, जो 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त करते हैं, क्रमशः 25,000/- रूपये और 35,000/- रूपये और किसी भी स्ट्रीम में 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंकों सहित स्नातक की परीक्षा पास करने पर 50,000/- रूपये की नकद रकम प्रतिछात्र छात्रवृति। (iii) कामगार के दो बच्चों तक, 50 प्रतिशत या इससे अधिक अक्षमता वाले बच्चों को पहली से आठवीं कक्षा तक 5000/- रूपये, नौंवीं से बारहवीं तक 10,000/- रूपये, स्नातक या इसके समतुल्य उपाधि या डिप्लोमाधारक को 15,000/- रूपये, स्नातकोत्तरत या इसके समतुल्य उपाधि या डिप्लोमा धारक को 25,000/- रूपये और व्यवसायिक डिग्री या पी.एच.डी. धारक को 35,000/- रूपये की प्रतिवर्ष विशेष प्रसुविधा। (iv) बोर्ड विधिमान्य दस्तावेज/प्रस्तावेज/प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के अध्यधीन, राज्य स्तरीय/अन्तरमहाविद्यालय उत्कृष्ट खिलाड़ी को प्रति राज्य प्रतियोगिता के लिए 10,000/- रूपये और राष्ट्रीय / अन्तरविश्वविद्यालय स्तरीय खिलाड़ी को प्रति राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए 25,000/- रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर सकेगा।

कौशल विकास भत्ता (राज्य सरकार की कौशल विकास योजना, 2013 के अनुरूप): बोर्ड द्वारा अपने कामगार (पति/पत्नि), उसके दो बच्चों तक कौशल विकास कोर्स करने के लिए मु0 1500 रु0 प्रतिमास की दर से कोर्स की अवधि के दौरान कौशल विकास भत्ता दिया जाता है। बोर्ड द्वारा अपने कामगार (पति/पत्नि), उनके दो बच्चों तक कुल फीस, बोर्डिंग और लाॅजिंग, प्रभारों के संदत करने पर राज्य में या भारत में किसी सरकारी संस्थान से आवासीय कौशल विकास कराने की व्यवस्था कर सकेगा। कौशल विकास कोर्स के लिए न्युनतम और अधिकतम आयु कामगार (पति/पत्नि) की दशा में 18 से 35 वर्ष और उसके बच्चों की दशा में 15 से 35 वर्ष होगी। बोर्ड द्वारा कामगार (पति/पत्नि), उसके बच्चे किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से अपने कौशल की अभिवृद्धि (अपग्रेडेशन) के लिए न्युनतम 15 दिन और अधिकतम 3 वर्ष की अवधि के लिए कौशल विकास कोर्स कर सकेंगे जिसके लिए उन्हें वर्ष में किसी भवन या अन्य सन्निर्माण कार्य में कम से कम 90 दिन के लिए कार्य करना होगा और इस का प्रमाण पत्र वर्षानुवर्ष आधार पर सचिव या बोर्ड के प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित होगा।

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